विपरीत करनी (Viparita Karani) योग: गहरी शांति और आराम के लिए एक सरल योगासन

 विपरीत करनी (Viparita 

Karani) योग: गहरी शांति और 

आराम के लिए एक सरल योगासन



आज की तेज़ भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में तनाव और थकान आम समस्या बन गई है। योग में ऐसे कई सरल और प्रभावी आसन हैं जो शरीर और मन को आराम देने में मदद करते हैं। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण आसन है विपरीत करनी, जिसे "लेग्स-अप-द-वॉल" (Legs-Up-The-Wall) पोज़ भी कहा जाता है। यह एक रिस्टोरेटिव योग मुद्रा है, जो तनाव दूर करने, रक्त संचार सुधारने और गहरी शांति प्रदान करने में सहायक होती है।


विपरीत करनी क्या है?


विपरीत करनी एक सरल उल्टा योगासन (Inversion Pose) है जिसमें पीठ के बल लेटकर टांगों को दीवार के सहारे सीधा रखा जाता है। संस्कृत में, "विपरीत" का अर्थ "उल्टा" या "विपरीत" और "करनी" का अर्थ "क्रिया" या "करना" होता है। यह आसन शरीर को पुनर्जीवित करने और तनाव कम करने के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है।


विपरीत करनी करने  

की विधि


कैसे करें:

1. शांत स्थान चुनें: एक आराविपरीत करनी करने की विधि

मदायक जगह पर दीवार के पास बैठें।





2. पीठ के बल लेटें: अपने दाएँ कूल्हे (hip) को दीवार के पास रखें।





3. टाँगों को ऊपर करें: धीरे-धीरे पीठ के बल लेट जाएँ और टाँगों को सीधा दीवार पर टिका लें।





4. हाथों को आराम दें: दोनों हाथों को शरीर के बगल में रखें, हथेलियाँ ऊपर की ओर रहें।





5. गहरी साँस लें: आँखें बंद करें, धीमी और गहरी साँसें लें, और शरीर को पूरी तरह आराम दें। इस मुद्रा में 5-15 मिनट तक रहें।





6. वापस सामान्य स्थिति में आएँ: धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ें, एक तरफ मुड़ें और धीरे-धीरे बैठ जाएँ।







विपरीत करनी के लाभ


1. तनाव और चिंता कम करे

यह आसन मस्तिष्क को शांत करता है और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है।


2. रक्त संचार में सुधार करे


पैरों को ऊपर रखने से दिल तक रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे पैरों की सूजन कम होती है।


3. पीठ दर्द में राहत मिले


यह मुद्रा रीढ़ की हड्डी और पीठ के निचले हिस्से में तनाव को कम करती है।


4. थकान दूर करे


यह आसन शरीर और दिमाग दोनों को आराम देता है और ताजगी महसूस कराता है।


5. अच्छी नींद में सहायक


इसे सोने से पहले करने से बेहतर और गहरी नींद आती है।


6. पाचन को बेहतर बनाए


यह आसन पाचन क्रिया को बेहतर करता है और सूजन एवं अपच में राहत देता है।


कौन कर सकता है विपरीत 

करनी?


✔ जो लोग तनाव या मानसिक थकान महसूस करते हैं।

✔ लंबे समय तक खड़े रहने या बैठने वाले लोग।

✔ पीठ दर्द, अनिद्रा, या पैर की सूजन से परेशान लोग।


सावधानियाँ:


उच्च रक्तचाप (High BP), ग्लूकोमा (Glaucoma), या गंभीर पीठ दर्द वाले लोग इस आसन से बचें।


गर्भवती महिलाएँ इसे करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।


रोज़मर्रा की ज़िंदगी में 

विपरीत करनी का महत्व


अगर आप रोज़ 5-10 मिनट भी यह आसन करते हैं, तो आपको शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत फायदा मिलेगा। यह योगासन तनाव को दूर करने, ऊर्जा को बढ़ाने, और शांति पाने का एक आसान तरीका है। इसे सुबह दिन की अच्छी शुरुआत के लिए या रात में अच्छी नींद के लिए आज़माएँ!


आज ही इसे करें और विपरीत करनी 

के जादुई लाभ महसूस करें!




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